dos operating system in Hindi

DOS FULL FORM (In Hindi)

DOS Full form – Disk operating system.

आइए जानते हैं कि DOS ka full form डिस्क ओपनिंग सिस्टम क्यों है, हम डॉस के बारे में सभी विवरण जानेंगे।

DOS kya hai in Hindi – DOS Full Form In Hindi

कंप्यूटर हो, लैपटॉप हो या फिर मोबाइल हो इनको चलने के लिए Operating System (OS) की जरूरत होती है। ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कोई भी कंप्यूटर या मोबाइल कार्य नहीं कर सकता हैं।

DOS भी एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। हमारा आज का आर्टिकल DOS kya hai? से संबंधित है, अगर आप भी DOS के बारे में पुरी जानकारी चाहते हैं तो हमारे आज के आर्टिकल को पूरा पढे।

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DOS क्या है – What is MS-DOS?

डॉस (DOS) का पूरा नाम डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Disk Operating System) है। यह एक प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कि कंप्यूटर हार्डवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बीच में इंटरफ़ेस का काम करता है।

अगर आप भी इस ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिये अपने कम्प्यूटर को चलाना चाहते हैं तो इसके लिए पहले आपको ऑपरेटिंग सिस्टम को मेमोरी में लोड करना होगा।

लोगों के बीच डॉस, MS-DOS के नाम से famous है। आपको बता दें, DOS को Microsoft ने ‘Seattle Computer Products’ से खरीदा था। जिसके बाद Microsoft ने DOS का नाम बदलकर DOS के पहले ‘MS’ लगा दिया और MS-DOS नाम कर दिया। यहां MS का मतलब ‘Microsoft’ है। Microsoft से तो आप सभी परीचित ही होंगे। Microsoft आज दुनिया की एक बहुत बड़ी IT कम्पनी है।

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Operating System kya hai

Features Of MS-DOS in Hindi – DOS FULL Form in Hindi

MS-DOS की सहायता से आप फ़ाइल प्रबंधन कर सकते हैं। फ़ाइल प्रबंधन के अन्तर्गत आप फ़ाइल बनाना, फ़ाइल Edit करना और फ़ाइल Delete करना जैसे कार्य कर सकते हैं।

MS DOS एक Single User ऑपरेटिंग सिस्टम है। इस OS में आप एक समय में एक ही काम को कर सकते हैं।

MS DOS एक ऐसा Interface System है जो Character (A-Z) पर आधारित होता है। कहने का मतलब है कि इस ऑपरेटिंग सिस्टम में आप सिर्फ़ Characters या Letters (अक्षर) को ही Type कर सकते हैं।

Advantages Of MS-DOS in Hindi

MS-DOS काफी पुराना OS हो चुका है। यह आज के OS की तुलना में बहुत ही छोटा OS है। लेकिन अगर बात इसके Advantages की कि जाए तो आज के ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में इसके कई लाभ हैं –

  • कंप्यूटर को On करते ही MS-DOS काफ़ी जल्दी ‘Boot’ हो जाता है।
  • जैसा कि ऊपर हम आपको बता चूके हैं कि आज के OS की तुलना में MS-DOS बहुत ही छोटा होता है इसलिए पूरे MS-DOS को एक Modern ROM चिप पर आसानी से Store किया जा सकता हैं।
  • MS-DOS बहुत ही हल्का ऑपरेटिंग सिस्टम है जिस वजह से यह बहुत छोटे सिस्टम पर भी आसानी से चल सकता हैं। यह लगभग 8 MB में पूरा Install हो जाता है।
  • इसकी सहायता से आप किसी भी Process को directly नियंत्रण प्रदान कर सकते हैं।
  • आप MS-DOS का इस्तेमाल करके Bios (Basic Input Output System) तथा Hardware तक direct पहुँच सकते हैं।

Disadvantages Of MS-DOS in Hindi

  • MS-DOS की सबसे बड़ी Disadvantage यह है कि इसे यूज़ करने के लिए आपको बहुत सारी Textual Command को याद रखना पड़ेगा। जैसे- अगर आपको कोई Folder Create करनी हो तो इसके लिए आपको “MD Space Folder Name” टाइप करना होगा, तभी एक फोल्डर create होगी।
  • MS-DOS पर जीतने भी कार्यों को किया जाता है वे सभी  Text Based होते हैं।
  • DOS ऑपरेटिंग सिस्टम से किसी भी कार्य को करवाने के लिए इसको दी जाने वाली कमांड में अगर थोड़ी-बहुत भी गलती हो जाती है तो उस कार्य को पूरा नहीं किया जा सकता है। इसलिए MS-DOS पर कार्य करना लोगों के लिए बहुत ही ज्यादा असुविधाजनक होता है।
  • एमएस डॉस में एक बार में सिर्फ एक ही काम किया जा सकता है। आप इसमें multitasking काम को नहीं कर सकते हैं।

Commands of DOS in Hindi / DOS के कमांड

MS-DOS में किसी भी कार्य को करने के लिए command देने की अवश्यकता होती है, क्योंकि यह एक command पर कार्य करने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है।

MS-DOS को commands Command Prompt c:> में दी जाती है।

Types of DOS Command in Hindi

DOS में कमांड को दो भागों में डिवाइड किया गया है –

  1. Internal Command
  2. External Command

Internal Command (आंतरिक कमांड)

MS-DOS के सभी Internal commands “Command.COM” में शामिल होती है।

यदि आप अपने सिस्टम से Command.COM को delete कर देते हैं तो, आप आंतरिक कमांड का उपयोग नहीं कर सकते हैं।

इंटरनल कमांड को चलाने के लिए MS-DOS में किसी भी प्रकार की कोई special File की जरूरत नहीं होती है।

कुछ इंटरनल कमांड के नाम

CD (Change Directory)

REN (Rename)

DEL (Delete)

VOL (Volume)

DATE

TIME आदि।

External Command (बाहरी कमांड)

External command को disk में स्टोर होते हैं, उन्हें command.com में शामिल नहीं किया जाता है।

इंटरनल कमांड की तुलना में एक्सटर्नल कमांड को higher resources की आवश्यकता होती है।

कुछ External command के नाम

APPEND

CHKDSK

EDIT

BACKUP

ATTRIB आदि।

आज आपने क्या सीखा?

दोस्तों, हमारे इस आर्टिकल में आपने DOS क्या है?- What is DOS, इसकी विशेषताएँ, DOS के लाभ और हानि और DOS में दो प्रकार के कमांड (Internal command और External command) आदी के बारे में जाना है।

आप इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी सवाल, सलाह या सुझाव हमें Comment Box में दे सकते हैं। साथ ही आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं की आपको हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी कैसी लगी।

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