UPS Ka का फुल फॉर्म

इस लेख में आप जानेंगे कि UPS क्या है और यह कैसे काम करता है, UPS full form और आप विभिन्न प्रकार के UPS के बारे में जानेंगे।

अगर आप कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपने यूपीएस के इस्तेमाल के बारे में तो सुना ही होगा।

आइए शुरू करते हैं यूपीएस क्या है, UPS ka Hindi meaning क्या है और full form of ups क्या है।

UPS Ka Full Form

UPS full form – Uninterrupted power supply.

UPS Full form in hindi – निर्बाध बिजली की आपूर्ति

UPS कंप्यूटर उपकरणों को बिजली की आपूर्ति करने का काम करता है।

यूपीएस एक बैकअप बैटरी के जैसा है, जो बिजली जाने पर भी कंप्यूटर या किसी इलेक्ट्रॉनिक device को चलाती है। UPS  में बिजली जाने के बाद भी कंप्यूटर को लगभग आधे घंटे तक चालू रखने की क्षमता है।

UPS क्या है? (What is UPS)

UPS एक डिवाइस है जो पॉवर कट होने पर कंप्यूटर (P.C) की बिजली आपूर्ति बंद नही होने देता और बैटरी बैकअप प्रदान करता है। UPS मूल रूप से सर्ज रक्षक और इन्वर्टर की तरह कार्य करता है।

UPS Ka का फुल फॉर्म

एक उदाहरण के जरिए इसे बेहतर समझा जा सकता है-

आप अपने सिस्टम पर एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है और अचानक पॉवर सप्लाई कट हो जाती है, तो आपका काम रुक जाएगा और ये भी हों सकता है कि आपने कार्य save ना किया हो तो system के बंद होने और दोबारा शुरू होने पर आपका सारा डाटा लॉस्ट हो जाएं और आपको वहीं कार्य शुरू से करना पड़े।

इससे आपका समय और मेहनत दोनों व्यर्थ जाएगा। तो इस समस्या का समाधान निकला – “यू.पी.एस” जो अचानक पॉवर सप्लाई बंद हो जाने पर भी सिस्टम को निरंतर (continued) पॉवर सप्लाई देता रहेगा।

यू.पी.एस के प्रकार (Types of UPS)

आपने देखा कि UPS क्या होता है, UPS ka full form क्या होता है?

आइए यूपीएस के प्रकारों को देखें रहेगा।

UPS में वोल्टेज रेगुलेशन होती है और कई UPS के बैटरी को चार्ज करना पड़ता है। यू.पी.एस कई प्रकार के आते है।

कुछ मुख्य यू.पी.एस इस प्रकार है

  1. Standby यू.पी.एस।
  2. Line Interactive यू.पी.एस।
  3. Double Conversion On-Line यू.पी.एस।

Standby UPS – सबसे कॉमन यू.पी.एस जिसे पर्सनल कंप्यूटर के लिए प्रयोग किया जाता है। यह इन्‍वर्टर केवल तब शुरू होता है जब पावर फेल हो जाती है, इसलिए इसका नाम “Standby” है।

File:Standby UPS Diagram SVG.svg
Wikipedia Imge: Standby UPS diagram

Line Interactive UPS – एक डिजाइनिंग यू.पी.एस जिसका प्रयोग बिजनेस, वेब और सर्वर में प्रयोग किया जाता है। इसमें एसी पावर कन्वर्टर को यू.पी.एस के आउटपुट के साथ जोड़ा जाता है। इस यू.पी.एस को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से प्रयोग किया जा सकता है। यह यू.पी.एस छोटे व्यवसायों में अधिक उपयोगी होता है। पावर बंद होने पर Transfer switch खोलकर यू.पी.एस की मदद से सिस्टम में पावर सप्लाई करता है।

Double Conversion On-Line UPS – इस यू.पी.एस को High Power Capacity Computer मे प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के यू.पी.एस की बैटरी क्षमता बहुत अधिक होती है। इस UPS का एक्शन टाइम बहुत कम होता है और ये High Capacity Load को भी आसानी से संभाल लेता है।

यू.पी.एस से चलने वाले डिवाइस:

निम्नलिखित डिवाइस यूपीएस के माध्यम से चलते हैं:

कंप्यूटर, टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट्स, मेडिकल इक्विपमेंट्स, होम थिएटर, गेमिंग सिस्टम।

इन्वर्टर और यू.पी.एस में अंतर –

  1. यू.पी.एस केवल कंप्यूटर और उसके पार्ट्स को Electricity देता है।

वही Inverter घर के सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को Electricity देता है।

  1. यू.पी.एस की बैटरी को Full Charge करने पर केवल 15 से 20 मिनट (विभिन्न मानकों पर निर्भर) चल पाती है। वहीं इन्वर्टर की बैटरी 7 -8 घंटे तक चलती है।
  2. यू.पी.एस का Power Cut Restore Time बहुत कम होता है। वहीं Inverter का Restore Time ज्यादा होता है।
  3. यू.पी.एस की तुलना में इन्वर्टर मंहगा होता है।
  4. इन्वर्टर की बैटरी क्षमता यू.पी.एस की तुलना मे बहुत ज्यादा होती है।
  5. इन्वर्टर में समय-समय पर Distilled Water भरना पड़ता है जबकि यू.पी.एस में ऐसा कुछ नही है।

यू.पी.एस के मुख्य कार्य

  • यू.पी.एस सिस्टम में डाटा को सुरक्षित रखता है।
  • यू.पी.एस हमारे सिस्टम को शॉर्ट सर्किट से बचाता है।
  • यू.पी.एस पॉवरबंद की स्थिति में डिवाइस को पॉवर सप्लाई करता है.
  • यू.पी.एस किसी भी अस्थाई सोर्स से पावर को नियंत्रित करता है।
  • यू.पी.एस सिस्टम में असुरक्षित स्थिति में अलर्ट भी करता है।
  • यू.पी.एस पॉवर सप्लाई मे आ रहे इलेक्ट्रिकल प्रॉब्लम को सुलझा देता है। जैसे- Voltage fluctuation, Noise, Transient impulses, आदि।
  • डिवाइस में इलेक्ट्रिकल सप्लाई बंद होने पर यू.पी.एस के एक्टिव होने के कारण आपको अनसेव कार्य को सेव करने का तथा डिवाइस की सभी विंडोज बंद करने के बाद properly shut down करने का मौका मिलता है जिससे हार्ड डिस्क पर बुरा असर नहीं पड़ता है।

यू.पी.एस के मुख्य 4 भाग है जोकि यू.पी.एस सिस्टम में कार्य करते है

  • Rectifier (रेक्टिफायर)
  • Battery (बैटरी)
  • Inverter (इन्वर्टर)
  • स्टेटिक स्विच (Static Switch )/ ट्रांसफर स्विच (Transfer Switch):

रेक्टिफायर

यू.पी.एस का सबसे महत्वपूर्ण भाग है रेक्टिफायर। रेक्टिफायर एक प्रकार का सर्किट होता है जो बैटरी को चार्ज करने के लिए यू.पी.एस सिस्टम में इंस्टाल होता है, जो alternate current को direct current में बदलता है। क्योंकि बैटरी डायरेक्ट करंट से चार्ज होती है।

बैटरी

यू.पी.एस में बैटरी को इंस्टॉल किया जाता है। रेक्टीफायर के द्धारा करंट को ए.सी से डी.सी में बदलने के बाद बैटरी में पॉवर सेविंग की जाती है। पॉवर ऑफ होने के बाद सिस्टम में बैटरी से ही पॉवर सप्लाई की जाती है। यू.पी.एस में जितनी अधिक बैटरी पॉवर होगी उस बैटरी का बैकअप उतना ही अधिक होगा।

इन्वर्टर

यू.पी.एस सिस्टम में इनवर्टर एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनवर्टर बैटरी में संचित ऊर्जा को डी.सी से ए.सी ऊर्जा में बदलने का कार्य करता है। जिससे हमें तुरंत ही बिजली प्राप्त हो जाती है और कंप्यूटर सिस्टम निरंतर कार्यरत रहता है।

स्टेटिक स्विच (Static Switch )/ ट्रांसफर स्विच (Transfer Switch):

पावर के सोर्स को ट्रांसफर करने के लिए एक स्‍टैटिक स्विच या ट्रांसफर स्विच की आवश्यकता होती है। इस ऑपरेशन का समय बहुत फास्‍ट होता हैं। सामान्यत: 10 मिली सेकेंड में स्विचिंग करने वाले स्विच का उपयोग किया जाता है।

यू.पी.एस बनाने वाली मुख्य कंपनियां:

Microtek, Luminous, Iball

यू.पी.एस मे प्रयोग होने वाली बैटरी

यू.पी.एस मे इलेक्ट्रिक पॉवर को स्टोर करने के लिए सामान्यतः निम्नलिखित तीन प्रकार की बैटरी का प्रयोग किया जाता है।

  • Valve regulated lead acid बैटरी(VRLA)
  • Flooded cell या VLA बैटरी
  • Lithium ion बैटरी

यू.पी.एस, है एक हार्डवेयर डिवाइस जो तकनीकी विकास को दर्शाता है।

आपने यूपीएस की कार्यप्रणाली और उससे संबंधित सभी जानकारियों को देखा, जैसे कि यह कैसे काम करता है, इसके कंपोनेंट्स का उपयोग और इसके पुर्जे। आपने UPS ka full form,  UPS और इन्वर्टर के बीच अंतर भी देखा होगा।

आशा है कि इस लेख ने आपकी मदद की।

अगर आपका कोई सवाल है तो पूछे, मुझे कमेंट में बताएं कि यह लेख कैसा है।

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